प्यार हमें खुश रखता है. प्यार हमें स्वस्थ रखता है. प्यार हमें लम्बी उम्र देता है. कई तरह के रिसर्च के बाद भी ये बात सामने आई है की प्यार में अपार ताकत होती है. प्यार हमारे अन्दर रोगों से लड़ने की अपार शक्ति पैदा करता है. जब किसी रोगी को किसी के द्वारा उसे प्यार किये जाने का एहसास होता है तो उसके शारीर में इस तरह के रासायनिक बदलाव होतें है, जिसके चलते उसमें रोगों से लड़ने की क्षमता काफी बढ़ जाती है.
अपने लिए, दूसरों के लिए जीने की लालसा रोग से छुटकारा पाने की ताकत भर देती है उसमें. एक परिक्षण में पाया गया की जिन लोगों को प्यार और भावात्मक सुरक्षा अधिक मिलती है, उनकी धमनी में उन लोगों की तुलना में ब्लोकेज कम होती है, जो प्यार और आत्मीयता से वंचित होते है.
अपने लिए, दूसरों के लिए जीने की लालसा रोग से छुटकारा पाने की ताकत भर देती है उसमें. एक परिक्षण में पाया गया की जिन लोगों को प्यार और भावात्मक सुरक्षा अधिक मिलती है, उनकी धमनी में उन लोगों की तुलना में ब्लोकेज कम होती है, जो प्यार और आत्मीयता से वंचित होते है.
हालाँकि पेकिंग यूनिवर्सिटी मनोविज्ञान विभाग के प्रोफ़ेसर माओ लिहुआ का कहना है कि जिसे हम प्यार मानते है, दरअसल वो हमारे दिमाग के अनुभव के अलावा और कुछ नही है. किसी के प्रति आकर्षित होने पर जब तंत्रिका तंत्र के जरिये फेरोमोंस दिमाग में पहुंचकर पियुष ग्रंथि से निकलने वाले हारमोन के स्त्रवान के को बढाते है. इस से दिल कि धड़कन तेज होने के साथ सांसो कि गति भी बढ़ जाती है. रक्त का संचार शरीर में तेजी से होने लगता है और आखिर में हथेली पसीजने के साथ ही प्यास लगने लगती है. व्यक्ति का दिमाग इसे प्यार मान बेठता है, जबकि असल में ये एक रासायनिक प्रक्रिया है. प्यार का वैज्ञानिक आधार कुछ भी रहा हो, लेकिन हमारें स्वास्थ्य और हमारी भावनाओं से गहरा ताल्लुक होता है.
अक्सर देखा गया है कि जिनके बारे में डॉक्टरों ने साफ़ कह दिया है कि उनके या बचने कि कोई संभावना है, उनमें से कई लोग न केवल बच जाते है, बल्कि कई सालों तक स्वास्थ्य जीवन भी जीते है. कौन कह सकता है कि यह प्यार कि अद्भुत शक्ति का चमत्कार नही है. कहने का तात्पर्य सिर्फ इतना है कि प्यार किये जाने का एहसास न केवल रोगों से छुटकारा पाने के लिए, बल्कि लम्बे स्वास्थ्य जीवन के लिए भी बेहद जरुरी है.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें