गुरुवार, 23 जून 2011
रविवार, 19 जून 2011
आंखों में अंधेरा था, इरादों में चमक
| भाविनी मिश्रा |
जब मन में कुछ पाने की ललक हो, तो उसे कोई भी बाधा रोक नहीं पाती। रास्ते में चाहे कितने भी तूफान आएं, हौसलों के आगे वे भी पस्त हो जाते हैं। इसी की जीती-जागती मिसाल हैं भाविनी मिश्रा। करीब दस साल पहले की बात है, जब भाविनी दूसरी लड़कियों की तरह कॉलेज जाती थीं और साथ ही डांस वर्क्स परफॉर्मिंग आर्ट्स एकेडमी में नृत्य का प्रशिक्षण लेती थीं। पर एक दिन अचानक जीवन में कुछ कर दिखाने का सपना देखने वाली इस लड़की की आंखों की रोशनी जाती रही। पर भाविनी ने हार नहीं मानी और तकदीर से लड़ने की ठान ली।
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