रंजीत अपने अपने आप को हुस्न का सबसे बड़ा खिलाडी समझता था. कॉलेज के चक्कर लगाकर आती-जाती लड़कियों को छेड़ना, उनका पीछा करना, उसकी रोज़ की आदत हो गयी थी. और इस काम में उसका साथ देता था उसका दोस्त, सोनू. रंजीत को भगवान् से आकर्षक नैन-नक्श उपहार में मिला हुआ था. सॉलिड बॉडी और आकर्षक बहरी व्यक्तित्व से उसकी उम्र का पता ही नही चलता था. शायद यही वजह थी कि उसके झांसे में कुछ लड़कियां आसानी से आ जाती थी. शादी होने के बावजूद उसने कॉलेज के चक्कर लगाने बंद नही किये. इस हरकत को लेकर अक्सर रंजीत और उसकी पत्नी रीमा में लड़ाई-झगडे भी होते रहते थे, मगर रंजीत किसी की नही सुनता. आखिर तंग आकर रीमा ने अपनी बड़ी होती बेटी और बेटे को हॉस्टल में पढने के लिए डाल दिया. धीरे-धीरे उनकी शादी को बीस साल बीत गये. आज भी रंजीत हलके सफ़ेद होते बालों को डाई कर जवान दिखने की कोशिश में लगा रहता था.