बच्चे गीली मिट्टी की भांति कोमल होते है, जिसे आप मनचाहे ढांचे में ढाल सकते है. उनको आप जैसा सीखएंगे वो वैसा ही सीखेंगे. अक्सर माता पिता की शिकायत होती है की उनका बच्चा कोई भी काम ढंग से नही करता है.लेकिन वे शायद भूल जाते है, की बच्चे मनमौजी होते है.पुरे दिन धमाचौकड़ी में लगे रहते है, मगर काम की सुध नही होती. ऐसे में हर माँ बाप का फ़र्ज़ बनता है की वे अपने बच्चे को शुरू से ही जिम्मेदारी सौंपें या कुछ काम में लगायें.लेकिन इस बात को भी याद रखे की बच्चो से काम लेने व उन्हें कार्य सीखाने का भी एक तरीका होता है.