रविवार, 24 जुलाई 2011

सुख की खोज

दुनिया का प्रत्येक व्यक्ति प्रसन्नता की खोज में भटक रहा है. जन्म से मृत्यु तक उसके जो भी कर्म होते है, वे प्रसन्नता प्राप्ति के लिए ही होते है. लेकिन वास्तविकता में उसके जीवन में ख़ुशी का हिस्सा बहुत कम आता है. दुनिअभर के भौतिक संसाधन एकत्रित कर लेने के बाद भी उसे प्रसन्नता नही मिलती है. असीमित धन दौलत एकत्रित कर लेने के बाद भी उसे शांति नही मिलती है, तो प्रश्न उठता है कि जिस ख़ुशी को पाने के लिए हमारे सारे कर्म होते है, फिर भी हमें

सोमवार, 18 जुलाई 2011

पाप से मुक्ति

एक बार कुछ जिज्ञासु ओशो के पास सत्संग के लिए पहुंचें. बातचीत के दौरान एक ने प्रश्न किया, ' क्या दान-पुण्य, तीर्थाटन, पूजा-पाठ इत्यादि साधनों से किये गये बुरे कर्मों से मुक्ति मिल सकती है?'

शुक्रवार, 8 जुलाई 2011

प्यार का एहसास ही तो ज़िन्दगी है

 प्यार हमें खुश रखता है. प्यार हमें स्वस्थ रखता है. प्यार हमें लम्बी उम्र देता है. कई तरह के रिसर्च के बाद भी ये बात सामने आई है की प्यार में अपार ताकत होती है. प्यार हमारे अन्दर रोगों से लड़ने की अपार शक्ति पैदा करता है. जब किसी रोगी को किसी के द्वारा उसे प्यार किये जाने का एहसास होता है तो उसके शारीर में इस तरह के रासायनिक बदलाव होतें है, जिसके चलते उसमें रोगों से लड़ने की क्षमता काफी बढ़ जाती है.

बुधवार, 6 जुलाई 2011

जब से शहर आया हूँ...

जब से शहर आया हूँ
हरी साड़ी में नही देखा धरती को
सीमेंट कंक्रीट में लिपटी है
जींस-पैंट में इठलाती नवयौवन हो जैसे 
धानी चुनर में शर्माते,
बलखाते नही देखा धरती को
जब से शहर आया हूँ |
गाँव में ऊँचें पहाड़ से
दूर तलक हरे लिबास में दिखती वसुंधरा
शहर में आसमान का सीना चीरती इमारत से
हर ओर डामर की बेड़ियों में कैद
बेबस, दुखियारी देखा धरती को
हंसती-फूल बरसाती नही देखा धरती को
जब से शहर आया हूँ|

लेखक - लोकेन्द्र सिंह राजपूत 


रविवार, 26 जून 2011

जैविक खेती से सोना उगा रहीं प्रभावती

प्रभावती

आमतौर से सफल तरीके से खेती कर पाना महिलाओं के वश की बात नहीं मानी जाती। लेकिन एक ग्रामीण महिला ने इसे झूठा साबित कर दिखाया है। भले ही उनके पास आजीविका के लिए छोटी-सी जमीन है, लेकिन उनका विश्वास इतना अडिग है कि उसी जमीन से मेहनत और काबिलियत के भरोसे सोना उगा रही हैं।

गुरुवार, 23 जून 2011

अलविदा दादी माँ

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे बुजुर्ग महिला के तौर पर नाम दर्ज कराने वाली 114 वर्षीय मारिया गोम्स वेलेंटिम ने मंगलवार को इस दुनिया से विदा ले ली है।

रविवार, 19 जून 2011

आंखों में अंधेरा था, इरादों में चमक

भाविनी मिश्रा
जब मन में कुछ पाने की ललक हो, तो उसे कोई भी बाधा रोक नहीं पाती। रास्ते में चाहे कितने भी तूफान आएं, हौसलों के आगे वे भी पस्त हो जाते हैं। इसी की जीती-जागती मिसाल हैं भाविनी मिश्रा। करीब दस साल पहले की बात है, जब भाविनी दूसरी लड़कियों की तरह कॉलेज जाती थीं और साथ ही डांस वर्क्स परफॉर्मिंग आर्ट्स एकेडमी में नृत्य का प्रशिक्षण लेती थीं। पर एक दिन अचानक जीवन में कुछ कर दिखाने का सपना देखने वाली इस लड़की की आंखों की रोशनी जाती रही। पर भाविनी ने हार नहीं मानी और तकदीर से लड़ने की ठान ली।

रविवार, 12 जून 2011

कर्मों का हिसाब लाजवाब

रंजीत अपने अपने आप को हुस्न का सबसे बड़ा खिलाडी समझता था. कॉलेज के चक्कर लगाकर आती-जाती लड़कियों को छेड़ना, उनका पीछा करना, उसकी रोज़ की आदत हो गयी थी. और इस काम में उसका साथ देता था उसका दोस्त, सोनू. रंजीत को भगवान् से आकर्षक नैन-नक्श उपहार में मिला हुआ था. सॉलिड बॉडी और आकर्षक बहरी व्यक्तित्व से उसकी उम्र का पता ही नही चलता था. शायद यही वजह थी कि उसके झांसे में कुछ लड़कियां आसानी से आ जाती थी. शादी होने के  बावजूद उसने कॉलेज के चक्कर लगाने बंद नही किये. इस हरकत को लेकर अक्सर रंजीत और उसकी पत्नी रीमा में लड़ाई-झगडे भी होते रहते थे, मगर रंजीत किसी की नही सुनता. आखिर तंग आकर रीमा ने अपनी बड़ी होती बेटी और बेटे को हॉस्टल में पढने के लिए डाल दिया. धीरे-धीरे उनकी शादी को बीस साल बीत गये. आज भी रंजीत हलके सफ़ेद होते बालों को डाई कर जवान दिखने की कोशिश में लगा रहता था.

रविवार, 5 जून 2011

चढ़ता पारा जुगाड़ हमारा

गरमी अपने चरम पर है। सूर्य की किरणें सबको तपाने लगी हैं। यानी लगातार बढ़ते तापमान ने सबका जीना मुहाल कर दिया है। इस मौसम की मार से बचने के लिए हम घर में कैद तो नहीं हो सकते, मगर कुछ तरकीब तो तलाश ही सकते हैं, जो चढ़ते पारे से हमें निजात दिलाएं। आप भी जानिए एक्सपर्ट के बताए कुछ आसान उपायः


गुरुवार, 2 जून 2011

अपने फोन नo को अपनी ईमेल आई-डी बनाये

 अब आप अपने फोन नo को अपनी ईमेल आई-डी बना सकते है. जी हाँ, ये अब संभव है. और ये संभव है ईमेल रूटिंग प्रोग्राम (email routing program ) द्वारा. अगर आपका फोन नo है 9876543210 , तो आपकी आई-डी हो जाएगी 9876543210@gmob.com अगर आप किसी को अपनी  आई-डी देना चाहते है, तो आपको बस इतना कहना है, "its my phone no."





मंगलवार, 31 मई 2011

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस
आज विश्व तम्बाकू निषेध दिवस है. हर साल इसके आयोजक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), एक अलग विषय पर ध्यान केंद्रित करते है. 31 मई २०११ के लिए डब्ल्यूएचओ फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन तोबक्को कंट्रोल विषय को चुना है.

रविवार, 29 मई 2011

अब समझ आया

 




अपने जीवन काल में उम्र के हर पड़ाव पर व्यक्ति का अपने पिता की और देखने का नजरिया










बुधवार, 25 मई 2011

सुख की खोज

एक राजा था. बड़ा निडर और उदार. उसकी प्रजा उसे बहुत चाहती थी.एक दिन राजा एकांत में बैठा कुछ सोच रहा था. उसे लगा की इतनी सारी सुख निधि पाकर भी आदमी दुखी है, तो क्यों?

रविवार, 22 मई 2011

सुनो कहानी दादी की

 क्वीन विक्टोरिया का जमाना देखा, फोर्ड कार कंपनी का जन्म देखा और अब ओबामा की राजनीति देख रही है 114 साल की  दादी माँ. 

 114 साल की एक दादी माँ ने पूरी दुनिया में लम्बी उम्र के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है. ब्राज़ील की मैरिया गोम्स वेलेंटिम की उम्र दुनिया भर के जीवित व्यक्तियों में सबसे ज्यादा है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज किया गया है.


सोमवार, 16 मई 2011

बच्चो को जिम्मेदारी तो दे

च्चे गीली मिट्टी  की भांति कोमल होते है, जिसे आप मनचाहे ढांचे में ढाल सकते है. उनको आप जैसा सीखएंगे वो वैसा ही सीखेंगे. अक्सर माता पिता की शिकायत होती है की उनका बच्चा कोई भी काम ढंग से नही करता है.लेकिन वे शायद भूल जाते है, की बच्चे मनमौजी होते है.पुरे दिन धमाचौकड़ी में लगे रहते है, मगर काम की सुध नही होती. ऐसे में हर माँ बाप का फ़र्ज़ बनता है की वे अपने बच्चे को शुरू से ही जिम्मेदारी सौंपें या कुछ काम में लगायें.लेकिन इस बात को भी याद रखे की बच्चो से काम लेने व उन्हें कार्य सीखाने का भी एक तरीका होता है.

शुक्रवार, 6 मई 2011

धरती को बचने की नायाब पहल


अर्थ आवर डे
पृथ्वी पर बेहतर  पर्यावरण बनाये रखने के प्रति लोगो में जागरूकता पैदा करने के लिए ही प्रतिवर्ष दुनिया भर में अर्थ आवर डे  मनाया जाता है.


गुरुवार, 5 मई 2011

उसे मैं बेबस नही होने दूंगी.

परिवार में सबसे छोटी थी और सबकी लाडली भी.मेरा बचपन सुख-सुविधाओं में बीता. जिंदगी को अपने हाथ में थामने को आतुर थी. पंख लगाकर उड़ना चाहती थी. सपनो की दुनिया में खोना मुझे अच्छा लगता था. इन्ही सपनो के बीच कैसे मेरा बचपन पीछे रह गया, पता ही नही चला. जवानी की दहलीज पर खडी लड़की की शादी की चिंता हर किसी को होती है, जैसे मेरे पिताजी को थी. बेटी सुखी रहे और खुशियों के आँगन में झूले, ये सोच उन्होंने मेरे लिए एक अदद वर की तलाश भी कर ली.


बुधवार, 4 मई 2011

फैसला

काफी दिनों से चल रहे वाद-विवाद और द्वंद का कल शायद अंतिम दिन हो. कल मेरे आने वाले कल पर एक फैसला लिया जाएगा, जो पिछले छेह माह से घर में वाद-विवाद का विषय बना हुआ है. देखना ये है की ये फैसला परंपरागत रुढ़िवादी विचारधारा करते हुए बेटी के भविष्य को दाँव पर लगाएगा या अनावश्यक अहितकारी सामाजिक व मानसिक दबाव के विरुद्ध सशक्त हो बेटी के हित को प्राथमिकता देगा. यही सोचते-सोचते खुली आँखों में संशय व भय का अन्धकार लिए सारी रात बिता दी. अगले दिन सुबह नाश्ते की आवश्यकता किसी को न थी. सभी ड्राईंग रूम में एकत्रित हुए. शांत, उलझे चेहरे,  टकटकी लगाये पिताजी के मुख की ओर देख रहे थे. सभी के भावो और उत्सुकता को अधिक प्रतीक्षा न कराते हुए पिताजी ने कहा,

मंगलवार, 3 मई 2011

चमकता इंडिया, सिसकता भारत

जब लोगो में आतंकवाद का दर हो, नक्सलवाद समाज को दारा रहा हो, ऐसे में आज़ाद देश की बात करना बेमानी नही तो और क्या है. स्वतंत्रता पशचात जिस स्वर्णिम भारत की कल्पना लोगो के मन में थी, वह धराशायी होती जा रही है. राजनीति में बैठे लोग अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हुए है.

मदर्स डे

चीफ इंजिनियर , संजय कंसल, ऑफिस से आकर चाय नाश्ता कर रहे थे की उनकी पत्नी दीपाली ने सूचना दी कि आज गाँव से अम्माजी का पोस्टकार्ड भी आया है. कंसल साहब ने पत्र पढ़ा. माँ ने लिखा था ---

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